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Akash Kumar

मानव विकास Class 12th Chapter – 4

‘वृद्धि’ और ‘विकास’ शब्द आपके लिए नए नहीं हैं। अपने चारों ओर देखिए, लगभग प्रत्येक वस्तु जिसे आप देख सकते हैं (और बहुत सी जिन्हें आप नहीं देख सकते) बढ़ती और विकसित होती हैं। ये वस्तुएँ पौधे, नगर, विचार, राष्ट्र, संबंध अथवा यहाँ तक कि आप स्वयं भी हो सकते हैं। इसका क्या अर्थ है? …

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भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास

भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास मने पिछले अध्याय में यह जाना कि किस प्रकार उपनिवेशवाद से हुए परिवर्तनों ने भारतीय सामाजिक ह संरचना में बदलाव उत्पन्न किए। औद्योगीकरण और नगरीकरण ने जनजीवन में रूपांतरण किया। कुछ लोगों ने खेत के स्थान पर कारखानों में काम करना प्रारंभ किया। बहुत से लोग गाँवों को छोड़ …

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समकालीन विश्व में अमेरिकी वर्चस्व

अध्याय समीक्षा • शीतयुद्ध का अंत हो गया तथा अमरीका विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में उभरा, अमरीका प्रभुत्व एक धुर्वीय विश्व का युद आरंभ हुआ। • नयी विश्व व्यवस्था की शुरुआत हुई, संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इराक के विरुद्ध बल प्रयोग की अनुमति दिए जाने की अमरीका राष्ट्रपति जार्ज बुश ने नई …

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◆ सामाजिक असमानता (विषमता) एवं बहिष्कार के स्वरूप◆

◆ सामाजिक असमानता (विषमता) एवं बहिष्कार के स्वरूप◆ >> मुख्य बिन्दु : 1. सामाजिक असमानता : ● सामाजिक विषमता व बहिष्कार हमारे दैनिक जीवन में प्राकृतिक व वास्तविकता है। ● प्रत्येक समाज में हर व्यक्ति की सामाजिक प्रस्थिति एक समान नहीं होती है। समाज में कुछ लोगों के पास तो धन, सम्पत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सत्ता …

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★बाजार सामाजिक संस्था के रूप में★

★बाजार सामाजिक संस्था के रूप में★ ◆मुख्य बिन्दु◆ 1. बाजार : एक ऐसा स्थान जहाँ पर वस्तुओं का क्रय-विक्रय होता है। बाहार केवल एक आर्थिक संस्था नहीं बल्कि सामाजिक संस्था भी है। ● साप्ताहिक बाजार: जो सप्ताह में एक बार लगे नगरों में कहीं कहीं-कहीं साप्ताहिक बाजार भी लगते हैं। जहाँ से उपभोक्ता अपनी दैनिक …

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★सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन★

★सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन★ ◆मुख्य बिन्दु◆ 1. जनसंख्या सिर्फ अलग-अलग असंबंधित व्यक्तियों का जमघट नहीं है। परन्तु यह विभिन्न प्रकार के आपस में संबंधित वर्गों व समुदाय से बना समाज है। 2. भारतीय समाज की तीन प्रमुख संस्थाएँ जाति, जनजाति, परिवार । 3. जाति : जाति एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो भारत …

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★ भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना ★

भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना ◆ मुख्य बिन्दु:- 1. जनसांख्यिकी जनसंख्या का सुव्यवस्थित अध्ययन जनांकिकी कहलाता है। इसका अंग्रेजी पर्याय डेमोग्राफी यूनानी भाषा के दो शब्दों डेमोस- लोग तथा ग्राफीन यानि वर्णन अर्थात् लोगों का वर्णन। > इससे जन्म, मृत्यु, प्रवसन लिंग अनुपात आदि का अध्ययन किया जाता है। 2. जनांकिकी के प्रकार :- जनांकिकी …

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Political Science Most VVI questions Answers

5. प्रतियुद्ध से हथियारों की होड़ और हथियारों पर नियंत्रण ये दोनों ही प्रक्रियाएँ पैदा हुई इन दोनों प्रक्रियाओं के (ग) जापान संयुक्त राष्ट्र अमराका के पूजावादा गुट मा (ड) उत्तरी कोरिया- सोवियत संघ के साम्यवादी गुट में (च) श्रीलंका-गुटनिरपेक्ष में कारण थे? उत्तर शीतयुद्ध के कारण हथियारों की होड़ दूसरे विश्वयुद्ध की समाप्ति से …

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Political Science Chapter 1 Questions

इन दो बयानों से राष्ट्र निर्माण का जो एजेंडा ध्वनित होता है उसे लिखिए। आपको कौन-सा एजेंडा जँच रहा है और क्यों? उत्तर (G) गाँधी जी का यह कथन बिल्कुल ठीक है कि सत्ता का ताज काँटों से भरा होता है क्योंकि प्रायः सत्ता पाने के बाद सत्तासीन लोगों में घमंड आ जाता है। वे …

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