0 History Top Guess Questions Exam 2022 – Soft Study Akash Kumar

History Top Guess Questions Exam 2022

1. पुरातत्व से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर – पुरातत्व वह विज्ञान है जिसके माध्यम से पृथ्वी के अंदर छिपी हुई सामग्रियों की खुदाई कर अतीत के लोगों के जीवन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित होने के कारण पुरातत्व एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके अंतर्गत खुदाई में प्राप्त सिक्कों, अभिलेखों, खंडहर एवं स्मारक आदि की गणना की जाती है। किसी भी सभ्यता के इतिहास की जानकारी के लिए पुरातत्व एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

 
2. अभिलेख किसे कहते हैं ?
उत्तर – अभिलेख उन लेखों को कहा जाता है, जो स्तंभों, चट्टानों, गुफाओं ताम्रपत्रों और पत्थरों की चौड़ी पट्टियों पर खुदे तत्कालीन शासकों के शासन का सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक व धार्मिक चित्र खींचते हैं।
 

3.कार्बन-14 विधि से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर – कार्बन-14 विधि वस्तु की कालावधि को मापने की वैज्ञानिक विधि है।
इसके अनुसार जब वस्तु या जीव अस्तित्व में होती है। उसमें दो प्रकार के कार्बन पायें जाते हैं। C₁₂ या C₁₄ इनमें C की मात्रा समान होती है लेकिन जैसे-जैसे भी विघटित होती जाती है C₁₂ की मात्रा तो सामान रहती है लेकिन C₁₄ की मात्रा कम होती जाती है 5730 वर्षों में C₁₄ की मात्रा घटकर आधी रह जाती है। जिस पदार्थ में कार्बन-14 की मात्रा जितनी कम होगी वह उतनी ही पुरानी मानी जाएगी। इसी आधार को मानकर किसी वस्तु का कार्यकाल निर्धारित किया जाता है।
 

4. सिंधु घाटी सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता क्यों कहा जाता है ?
उत्तर – सिंधु घाटी सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता इसलिए कहा जाता है, क्योंकि पुरातत्वविदों द्वारा सर्वप्रथम हड़प्पा नगर की खोज हुई थी। इस महत्वपूर्ण सभ्यता का पता लगाने का श्रेय रायबहादुर दयाराम साहनी को जाता है। दयाराम साहनी ने 1921 ई० में हड़प्पा नामक स्थल पर पुरातात्विक उत्खनन कर कई हड़प्पाई मोहरें प्राप्त की थी। इसके बाद ही अन्य स्थानों पर पुरातात्विक खुदाई की गई। सिंधुघाटी सभ्यता का सबसे पहला और महत्वपूर्ण नगर होने के कारण इसे हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है।
 

5. हड़प्पा संस्कृति की किन्ही दो विशेषताओं को लिखें ।
उत्तर – हड़प्पा संस्कृति की दो विशेषताएं निम्न है।
(i) नगर नियोजन, (ii) जल निकास प्रणाली
 
 
6. सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना का वर्णन करें ।
उत्तर – सिंधु घाटी सभ्यता की सर्व प्रमुख विशेषता इसका नगर नियोजन है। सिंधु घाटी के लोग नगरों में रहने वाले थे। वे नगर स्थापना में बड़े कुशल थे उन्होंने हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, कालीबंगा, लोथल और रोपण जैसे अनेक नगरों का निर्माण किया उनकी नगर व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित विशेषताएं मुख्य रूप से उल्लेखनीय हैं।
1. सड़क व्यवस्था
2. जल निकास प्रणाली
3. स्नानागार
4. अन्नागार
5. ईंटें
 

7. हड़प्पा सभ्यता की जल निकास प्रणाली का वर्णन करें ।
उत्तर – हड़प्पा सभ्यता के लोग सुव्यवस्थित एवं वैज्ञानिक ढंग से नालियों का प्रबंध करना जानते थे। उन्होंने नालियाँ खारिया मिट्टी, चुने और एक प्रकार की सीमेंट से बनाई हुई थीं। वह नालियों को खुला छोड़ना हानिकारक समझते थे, अतः उन्हें ईटों से पाटते (ढकते) थे। स्त्रियों को नालियों में राख और कूड़ा डालने पर पाबंदी थी। वर्षा के पानी की निकासी का विशेष रूप से प्रबंध था। सारांश रूप में कहा जा सकता है कि उन लोगों का सफाई की ओर विशेष ध्यान था।
 

8. हड़प्पा वासियों द्वारा वृहद सिंचाई के साधनों का उल्लेख करें ।
उत्तर – हड़प्पावासियों द्वारा मुख्यतः नहरें, कुएँ और जल संग्रह करने वाले स्थानों को सिंचाई के रूप में प्रयोग में लाया जाता था। इसके अतिरिक्त हड़प्पा वासियों द्वारा जल संग्रह के लिए गुजरात के धोलावीरा नामक स्थान में तालाब मिला है जो कृषि की सिंचाई के लिए, पानी देने के लिए तथा जल संग्रह के लिए प्रयोग किया जाता था। साथ ही अफगानिस्तान में से सौतगई नामक स्थल से हड़प्पाई नहरों के चिन्ह प्राप्त हुए हैं।
 

9. हड़प्पा सभ्यता की सड़क व्यवस्था पर प्रकाश डालिए । (5) Marks
उत्तर – स्वयं लिखें ।
 

10. हड़प्पा सभ्यता के चार प्रमुख नगरों के नाम लिखिए ।
उत्तर – मोहनजोदड़ो, कालीबंगा, लोथल एवं धौलावीरा
 

11. मोहनजोदड़ो के स्नानागार का संक्षेप में विवरण कीजिए ।
उत्तर – मोहनजोदड़ो में बना सार्वजनिक स्नानागार अपना विशेष महत्व रखता है। यह सिंधु घाटी के लोगों की कला का अद्वितीय नमूना है ऐसा अनुमान है कि यह स्नानागार धार्मिक अवसरों पर आम जनता के नहाने के प्रयोग में लाया जाता था। जिसका आकार 180 ×180 वर्ग फुट होता था। इसके चारों और बरामदे होते थे। स्नानागार को पानी से भरने के लिए एक कुआँ भी होता था गंदे पानी की निकासी के लिए भी प्रबंध था।
 
(i) मोहनजोदड़ो के स्नानागार के चारों और बरामदे होते थे।
 
(ii) स्नानागार को पानी से भरने के लिए एक कुआँ भी होता था।
 

12. हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों पर प्रकाश डालिये।
उत्तर – हड़प्पा सभ्यता का पतन 1750 ई०पू० के आसपास हुआ। हड़प्पा सभ्यता का पतन किस प्रकार हुआ इस पर विद्वानों में मतभेद है। इसके पतन के अनेक कारण बताए गए हैं कुछ विद्वानों का मानना है कि अचानक सिंधु नदी में बाढ़ आ गई होगी और इस सभ्यता का पतन हुआ होगा दूसरा मत है कि आर्यों के आक्रमण के फल स्वरुप हड़प्पा का अंत हो गया तीसरी मान्यता यह है कि प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप आया होगा जिससे इस सभ्यता का अंत हो गया इस प्रकार से हम देखते हैं कि सिंधु सभ्यता के पतन के अनेक कारण विद्वानों ने दिए हैं निश्चित रूप से सभी तथ्य इस घटना के लिए कमोवेश उत्तरदाई हैं।

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